पंचायत के कुल 06 गाँव आते है। पंचायत में धान, गेहॅं, मंडुवा, मकई, गोंदली की ,खेती साल में एक ही बार होती है। सचिाई साधन उपल्बध नही रहने के कारण हरी सब्जी की खेती न के बराबर हो पाती है। पंचायत के अंदर 8 जाति के लोग रहतें हैं। More »

पंचायत के कुल 06 गाँव आते है। पंचायत में धान, गेहॅं, मंडुवा, मकई, गोंदली की ,खेती साल में एक ही बार होती है। सचिाई साधन उपल्बध नही रहने के कारण हरी सब्जी की खेती न के बराबर हो पाती है। More »

 

तुलसीटाड ग्राम

पंचायत के कुल 06 गाँव आते है। पंचायत में धान, गेहॅं, मंडुवा, मकई, गोंदली की ,खेती साल में एक ही बार होती है। सचिाई साधन उपल्बध नही  रहने के कारण हरी सब्जी की खेती न के बराबर हो पाती है। पंचायत के अंदर 8 जाति के लोग रहतें हैं। आदिवासी की संख्या बहुत कम और काफि पिछडा हुआ है। आदिवासी का मुख्य पर्व करमा है। करमा के अलावा जितिया, दषहरा, होली, रामनवमी, इद, रमजान आदि त्योहार मनाये जाते हैं। पंचायत चुनाव केक बाद विकास की एक नई उम्मिद की जा रही है।